मंगलवार, 6 सितंबर 2011

मेरी मौत को ढकेलटी है ज़िंदगी..........

मुझसे क्यों खेलती है जिंदगी?
क्या मुझे झेलती है जिंदगी?
सच कहू मुझको लगता है
मेरी मौत को ढकेलटी है ज़िंदगी


नन्हे कदम, जग नया नये रिश्ते
सांचो मे ढलते हम, हम से बदलते रिश्ते
दूर के रिश्ते पास के रिश्ते
रिश्तो मे उलझकर निकलते से रिश्ते


क्या बस रिश्तो को समेटती है ज़िंदगी..
सच कहू मुझको लगता है
मेरी मौत को ढकेलटी है ज़िंदगी



रोती  खुशी, हसती खुशी, चिल्लती खुशी, बलखाती खुशी
बाहो मे भरकर, गले से लिपटकर
अपनो का अहसास कराती खुशी


फिर आँख मिचौली क्यू खुशी से खेलती है ज़िंदगी?
सच कहू मुझको लगता है
मेरी मौत को ढकेलटी है ज़िंदगी




आनी मौत बचकानी मौत,शमशानी मौत, अंजानी मौत पहचानी मौत
मौत से लड़ते लड़ते एक दिन आ जानी मौत
बहुत खुशनसीब होते है है वो नसीब वाले
जिन्हे नसीब होती है रूहानी  मौत


हर चौराहे पर है मौत खड़ी, बस उसे ठेलती  है ज़िंदगी?
सच कहू मुझको लगता है,,मेरी मौत को ढकेलटी है ज़िंदगी
सच कहू मुझको लगता है...मेरी मौत को ढकेलटी है ज़िंदगी..........


प्रभात कुमार भारद्वाज"परवाना"


2 टिप्‍पणियां:

educationlovers ने कहा…

HELLO FRIENDS,
PLESE VIST & LIKE THIS PAGE
ALL INDIA STUDENTS WELFARE COUNCIL

पूजे न शहीद गए तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा ?
तोपों के मुँह से कौन अकड़ अपनी छातियाँ अड़ाएगा ??
चूमेगा फन्दे कौन, गोलियाँ कौन वक्ष पर खाएगा ???
अपने हाथों अपने मस्तक फिर आगे कौन बढ़ाएगा ????
पूजे न शहीद गए तो फिर आजादी कौन बचाएगा ?????
फिर कौन मौत की छाया में जीवन के रास रचाएगा ??????
पूजे न शहीद गए तो फिर यह बीज कहाँ से आएगा ???????
धरती को माँ कह कर, मिट्टी माथे से कौन लगाएगा ???????

http://www.facebook.com/AISWC

educationlovers ने कहा…

आज 19 सितम्बर एक एतिहासिक दिन रहा..
बाटला हाउस एन्कोउन्टर में शहीद मोहनचंद शर्मा जी की पुन्य तिथि पर एक बड़ी रैली का आयोजन हुआ.. साथ ही दिल्ली के मशहूर हस्पताल होली फैमिली के अंतर्गत आने वाले चौक का नाम शहीद मोहनचंद चौक रखा गया..
पूजे न शहीद गए तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा ?
तोपों के मुँह से कौन अकड़ अपनी छातियाँ अड़ाएगा ??
चूमेगा फन्दे कौन, गोलियाँ कौन वक्ष पर खाएगा ???
अपने हाथों अपने मस्तक फिर आगे कौन बढ़ाएगा ????
पूजे न शहीद गए तो फिर आजादी कौन बचाएगा ?????
फिर कौन मौत की छाया में जीवन के रास रचाएगा ??????
पूजे न शहीद गए तो फिर यह बीज कहाँ से आएगा ???????
धरती को माँ कह कर, मिट्टी माथे से कौन लगाएगा ???????

HELLO FRIENDS,
PLESE VIST & LIKE THIS PAGE
ALL INDIA STUDENTS WELFARE COUNCIL
http://www.facebook.com/AISWC